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अब्दुल बासिद खान / ब्यूरो मुख्यालय : लखनऊ। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल को गंगाजल से ‘शुद्ध’ किए जाने की घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर आज पूरे उत्तर प्रदेश में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटियों ने विशाल मार्च और सत्याग्रह के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
राजधानी लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। इसका नेतृत्व जिला अध्यक्ष रुद्रदमन सिंह ‘बबलू’, शहर अध्यक्ष (उत्तरी) अमित श्रीवास्तव त्यागी और शहर अध्यक्ष (दक्षिणी) डॉ. शहजाद आलम ने संयुक्त रूप से किया। कांग्रेसी कार्यकर्ता जैसे ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा (GPO) की ओर बढ़े, भारी पुलिस बल ने लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “खड़गे जी का यह अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और “दलितों का अपमान बंद करो” जैसे नारों के साथ सड़क पर ही धरना दिया।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने भाजपा और आरएसएस पर तीखे प्रहार किए:
- रुद्र दमन सिंह बबलू (जिला अध्यक्ष): “हल्द्वानी में खड़गे जी की रैली के बाद किया गया ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान आरएसएस और भाजपा की जातिगत भेदभाव और छुआछूत वाली घटिया सोच को दर्शाता है।”
- अमित श्रीवास्तव त्यागी (शहर अध्यक्ष, उत्तरी): “खड़गे जी राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर हैं। इस घटना से देश भर के दलितों में भारी आक्रोश है। प्रधानमंत्री को इस संविधान विरोधी कृत्य के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।”
- डॉ. शहजाद आलम (शहर अध्यक्ष, दक्षिणी): “लोकतांत्रिक समाज में ऐसी भेदभावपूर्ण प्रथाओं का कोई स्थान नहीं है। यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि करोड़ों दलितों, पिछड़ों और बाबा साहब अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों का अपमान है।”
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन और पूर्व मंत्री डॉ. सी.पी. राय ने जानकारी दी कि आज प्रदेश के हर जिले में शांति मार्च निकालकर भाजपा की दलित विरोधी सोच के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा पर सीधा प्रहार बताया। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय (अध्यक्ष, सेवादल), सुरेंद्र यादव, संजय शर्मा, पंकज तिवारी, अनामिका यादव, सुशीला शर्मा, ललन कुमार, तारिक सिद्दीकी, नरेश बाल्मीकि, आशुतोष मिश्रा सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं का स्पष्ट कहना है कि भाजपा का दलित विरोधी चेहरा अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है और यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।

