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अब्दुल बासिद खान / ब्यूरो मुख्यालय :
अयोध्या, श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में स्थित विश्वप्रसिद्ध राम मंदिर के सुचारु धार्मिक संचालन को और अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक अहम नियुक्ति की है। ट्रस्ट ने कारसेवकपुरम स्थित राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य इंद्रदेव मिश्र को राम मंदिर का व्यवस्था प्रमुख नियुक्त किया है।
दिसंबर 2026 तक निभाएंगे यह दायित्व
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, आचार्य इंद्रदेव मिश्र दिसंबर 2026 तक राम मंदिर में होने वाले —
- ✅ नित्य पूजन और यज्ञ आदि वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्था
- ✅ धार्मिक समिति के निर्देशानुसार विभिन्न उत्सवों एवं कार्यक्रमों का सफल संचालन
- ✅ सभी धार्मिक गतिविधियों को निर्विघ्न और सुचारु रूप से आयोजित करना
— जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालेंगे।
नरपत डुकिया की भूमिका अपरिवर्तित
ट्रस्ट ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर के समग्र संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पहले की तरह नरपत डुकिया के पास ही रहेगी। आचार्य इंद्रदेव मिश्र उनके सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे। उनका दायित्व क्षेत्र मुख्यतः धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक व्यवस्थाओं तक सीमित रहेगा।
दोहरी जिम्मेदारी — पर काम पर कोई असर नहीं
आचार्य इंद्रदेव मिश्र अभी भी राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य के पद पर बने रहेंगे। ट्रस्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि वे मंदिर का दायित्व विद्यालय के नियमित कार्य समय के अतिरिक्त निभाएंगे, ताकि विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
क्यों चुना गया आचार्य इंद्रदेव मिश्र को?
ट्रस्ट के पत्र में उनकी नियुक्ति के तीन प्रमुख कारण गिनाए गए हैं —
| कारण | विवरण |
| दीर्घकालीन सेवा | लंबे समय से वेद नारायण की सेवा में समर्पित भाव से कार्यरत |
| वैदिक अनुभव | श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के वैदिक अनुष्ठानों की व्यवस्था में पहले से महत्वपूर्ण भूमिका |
| विद्वता एवं योग्यता | उनकी विद्वता, कार्यकुशलता और संगठन क्षमता को ट्रस्ट ने विशेष रूप से सराहा |
ट्रस्ट का लक्ष्य: और बेहतर हो धार्मिक व्यवस्था
ट्रस्ट के इस निर्णय को राम मंदिर में नित्य होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों की व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित, गरिमामय और सुचारु बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
“आचार्य इंद्रदेव मिश्र की नियुक्ति से राम मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था में एक नई ऊर्जा और अनुशासन आएगा।” — श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
राम मंदिर जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। ऐसे में ट्रस्ट का यह कदम मंदिर की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

