जंतर-मंतर सीजन 2 की तैयारी: अभिजीत दीपक ने भाजपा पर दबाव बनाकर हॉल रोकने का लगाया आरोप - statementtodaynews.com

जंतर-मंतर सीजन 2 की तैयारी: अभिजीत दीपक ने भाजपा पर दबाव बनाकर हॉल रोकने का लगाया आरोप

Statement Today News

जकारिया अयाज / सह सम्पादक :

कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा एलान: NEET आंदोलन के बाद अब देशभर में होगा ‘लिसनिंग टूर’

नई दिल्ली — कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को एक बार फिर से राजनीतिक मंच पर बड़ी घोषणा की है। NEET पेपर लीक मामले में 37 दिनों के धरने-प्रदर्शन के बाद, पार्टी अब एक नए अभियान की शुरुआत करने वाली है, जिसे ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ का नाम दिया गया है।

सरकार पर लगा दबाव का आरोप

दीपके ने मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया:

“हमने आज दिल्ली में अपने वॉलंटियर्स की बैठक आयोजित करने का प्रयास किया, लेकिन काफी तलाश के बाद भी किसी ने हमें हॉल किराए पर नहीं दिया। हर जगह यही कहा गया कि ऊपर से भारी दबाव है।”

दीपके ने स्पष्ट किया कि ये सभी हरकतें सरकार और सत्तारूढ़ दल की ओर से की जा रही हैं, ताकि उन्हें रोका जा सके। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से पार्टी पीछे नहीं हटेगी।

वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की योजना

हॉल न मिलने की समस्या का समाधान करते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के एक पब्लिक गार्डन में अपनी वालंटियर्स मीटिंग का आयोजन किया। इसी बैठक में पार्टी ने अपने आगामी रोडमैप पर चर्चा की।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पार्टी की भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी:

देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’: पार्टी अब पूरे देश में एक लिसनिंग टूर शुरू करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी आम जनता और छात्र-छात्राओं की समस्याओं को सीधे सुनेगी और उन पर ध्यान देगी।

स्वतंत्रता दिवस से शुरुआत: पार्टी 15 अगस्त 2026, यानी स्वतंत्रता दिवस से एक बड़ा अभियान शुरू करेगी। इस अभियान में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।

NEET मामला: CJP की लड़ाई का संक्षिप्त इतिहास

गौरतलब है कि NEET परीक्षा में पेपर लीक होने की घटना के बाद से CJP ने एक जबरदस्त आंदोलन छेड़ा था। यह आंदोलन निम्नलिखित महत्वपूर्ण मोड़ से गुजरा:

  • लगातार 37 दिन: कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर लगातार 37 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया।
  • प्रमुख मांग: आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना था।
  • समाप्ति: यह प्रदर्शन 25 जुलाई को तब समाप्त हुआ जब सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री से जुड़ी मांगों पर आश्वासन मिला।

कॉकरोच जनता पार्टी का गठन: एक अनोखी शुरुआत

CJP का गठन काफी नाटकीय परिस्थितियों में हुआ था। यह पार्टी एक सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के विरोध में बनी थी:

15 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं के बारे में एक टिप्पणी की थी। इसी टिप्पणी के विरोध में अभिजीत दीपके ने पार्टी का नाम ‘कॉकरोच’ रखा, जिसका मतलब है—जिस तरह तिलचट्टे (कॉकरोच) किसी भी परिस्थिति में जीवित रहते हैं, उसी तरह बेरोजगार युवा भी किसी भी हालात में अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

16 मई 2026: मध्यरात्रि को अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से सोशल मीडिया और वेबसाइट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और युवाओं को जोड़ने का प्रयास शुरू किया।

24 मई 2026: CJP ने एक ऑनलाइन याचिका अभियान छेड़ा, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई। इस अभियान को बेहद सफलता मिली और 10 लाख से अधिक लोगों ने इस याचिका पर रजिस्ट्रेशन कराया।

आगे की राह

अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी का संदेश स्पष्ट है: चाहे सरकार कितना भी दबाव डाले, चाहे हॉल न मिले, लेकिन युवाओं के हक की लड़ाई जारी रहेगी। ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ और देशव्यापी लिसनिंग टूर की शुरुआत से पता चलता है कि CJP अब राष्ट्रीय स्तर पर एक आंदोलन के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है।

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को इस नए अभियान की शुरुआत के साथ, CJP एक बार फिर से देश के राजनीतिक परिदृश्य में तूफान ला सकती है।

editor

    Related Articles

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *