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अब्दुल बासिद खान / ब्यूरो मुख्यालय : लखनऊ, राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने अमेरिकी एच.1 वीजा को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के ताजा निर्णय को देश के लाखों युवाओं की प्रतिभा पर कुठाराघात करार दिया है। उन्होने कहा कि अमेरिका ने एक लाख डॉलर की इस वीजा में बढ़ोत्तरी कर वहां रह रहे गैर अमेरिकन भारतीय आईटीआईए इंजीनियर्स तथा डॉक्टर्स समेत बड़ी संख्या में काम कर रहे लोगों के हितों की पूरी तरह से अनदेखी की है।
उन्होने देश के प्रधानमंत्री से कहा है कि वह दृढ़ता का परिचय देते हुए अमेरिका के समक्ष इस थोपे गये निर्णय को लेकर भारत का पक्ष अविलम्ब मजबूती से रखे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ोत्तरी तथा देश की प्रतिष्ठा के खिलाफ अवैध मादक पदार्थो को लेकर पहले से भी वैश्विक पटल पर अनर्गल प्रलाप किया है। उन्होने कटाक्ष किया है कि ट्रंप के वीजा नवीनीकरण के जरिए देश के युवाओं पर यह बोझ भी पीएम मोदी के जन्मदिन का रिटर्न गिफ्ट है।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि वीजा के नवीनीकरण और विस्तार के इस शुल्क के बाद भारतीय प्रतिभाओं व पेशेवरों को अब औसतन चार से पांच लाख रूपये की जगह कई गुना ज्यादा अठासी लाख रूपये की अदायगी की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होनें कहा कि इस वीजा शुल्क बढ़ोत्तरी से भारत के आईटी उद्योग द्वारा भी अमेरिका में काम कर रहे बड़ी संख्या में देश के लोगों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता जतायी जा रही है। यह चिंताजनक है कि मोदी सरकार की अदूरदर्शिता से खराब पड़ी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को विकसित करने में यह अमेरिकी निर्णय बड़ी बाधा बनकर सामने आया है।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने अमेरिका द्वारा भारतीय हितों पर लगातार आघात पहुंचाने के लिए मोदी सरकार की अपरिपक्व विदेश नीति को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होने पीएम मोदी द्वारा आत्मनिर्भरता के दावों को बेसुरा राग अलापना कहा है। उन्होनें कहा कि पीएम पहले यह बताएं कि ग्यारह वर्षो के कार्यकाल में उन्हें आत्मनिर्भरता या स्वदेशी की चिन्ता क्यों नहीं हुई। आत्मनिर्भरता को लेकर समय का जो बड़ा अंतराल होगा उसे देखते हुए देश की प्रतिभा के हुनर के साथ खिलवाड़ की किसी को इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद द्वारा पाकिस्तान की दोस्ती पर राहुल गांधी को लेकर दिये गये बयान की भी घेराबंदी की है। उन्होने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पहले यह बताए कि अफगानिस्तान के काबुल से नई दिल्ली लौटते समय अचानक लाहौर पहुंचकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान से कौन सा रिश्ता तय किया था। उन्होने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से हटकर पीएम मोदी वहां पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलकर उनकी मां के जन्मदिन की खुशियां साझा करने आखिर क्यों पहुंचे थे। उन्होने कहा कि भाजपा को अपने कददावर आडवाणी के पाकिस्तान में दिये गये बयान को भी कतई नहीं भूलना चाहिए।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी के मुताबिक आडवाणी ने वहां जिन्ना की मजार पर उन्हें सेकुलर करार दिया था। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय हित को सदैव प्राथमिकता दी है। उन्होने कहा कि यूपीए के प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म अविभाजित पाकिस्तान के अंदर हुआ था। इसके बावजूद दस वर्षो के प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में डॉ. मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान की यात्रा से परहेज बनाए रखा।

