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अब्दुल बासिद खान / ब्यूरो मुख्यालय : लखनऊ, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छोटे और सीमित उपयोग वाले स्कूलों को बड़े एवं अधिक व्यवहार्य संस्थानों में समूहित करके स्कूल समेकन पर बल देती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन में विद्यालयों के बीच सहयोग, समन्वय तथा संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा दिये जाने के दृष्टिगत विद्यालयों की पेयरिंग की जा रही है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आनंददायक अधिगम का अनुभव प्राप्त हो सके।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान में पूर्व प्राथमिक शिक्षा के अन्तर्गत विद्यालय परिसर में अवस्थित कोलोकेटेड आंगनबाडी केन्द्रों को अवसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से बालमैत्रिक फर्नीचर व आउटडोर प्ले मैटेरियल उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कक्षा-कक्षों को बाल फीचर से सुसज्जित किया जा रहा है। इसके साथ ही अभ्यास पुस्तिकायें, गतिविधि शिक्षण हेतु वण्डर बॉक्स, टी0एल0एम0 व स्टेशनरी आदि भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। कक्षा-कक्षों में लर्निंग कॉर्नर स्थापित कराया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की संकल्पना के अनुरूप चरणबद्ध रूप से ई0सी0सी0ई0 एजूकेटर की तैनाती की जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में बच्चों की शिक्षा हेतु प्री-प्राइमरी शिक्षा/बालवाटिका से लेकर कक्षा-12 तक के विद्यालयों की अवधारणा रखी गयी है। नीति में 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिये प्री-प्राइमरी शिक्षा/बालवाटिका पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है और इसको स्कूल रेडिनेस की महत्वपूर्ण अवधि माना गया है ताकि इसके पूर्ण होने पर वह कक्षा-1 में प्रवेश लेते समय स्कूली शिक्षा ग्रहण करने हेतु मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हो सके। अतः राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में शेष रिक्त विद्यालयों में बालवाटिकाओं का संचालन किया जा रहा है।
वर्तमान में प्रदेश में 5118 पेयरिंग विद्यालयों में आई0सी0डी0एस0 विभाग के सहयोग से निकटस्थ आंगनबाड़ी केन्द्रों को शिफ्ट कर नवीन बालवाटिकाएं संचालित की जा रही हैं, जिसमें पूर्व प्राथमिक शिक्षा के अन्तर्गत बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अवसंरचनात्मक सुविधायें एवं अकादमिक सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं। इन विद्यालय भवनों में संचालित किये जा रहे, आंगनबाड़ी केन्द्रों/बालवाटिकाओं में 15 अगस्त, 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर विद्यालय परिसर एवं बालवाटिका कक्षाओं की स्वच्छता एवं सजावट आदि के दृष्टिगत विद्यालय परिसर की समुचित साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई कराते हुये विद्यालय को सुंदर एवं आकर्षक बनाये जाने, स्वतंत्रता दिवस संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन जैसे-गायन, नृत्य, नाटिका, चित्रकला आदि कराये जाने के लिये जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही उक्त कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जनसमुदाय, विशेष रूप से माताओं एवं अभिभावकों को आमंत्रित किये जाने हेतु भी निर्देशित किया गया है। प्री प्राइमरी यूनिट समग्र शिक्षा उ0प्र0 द्वारा यह जानकारी आज यहां दी गयी।
बेसिक शिक्षा विभाग का संकल्प हर बच्चे को गुणवत्ता पूर्ण पूर्व प्राथमिक शिक्षा एवं पोषण उपलब्ध कराते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखना है।

